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Tuesday, January 23, 2018

विधायक बेनीवाल पर लेखकों की व्यक्तिगत राय !

हनुमान बेनीवाल को भले ही आप पसंद करें या नापसंद करें लेकिन उनके विशाल जनाधार और लोगों के प्रेम को देखते हुए आप हनुमान बेनीवाल को नज़रअंदाज नहीं कर सकते. 

हनुमान बेनीवाल को लेकर लगातार सवाल किए जा रहे हैं और लोग अपने-अपने नजरिये से अपने-अपने विचार रख रहे हैं. उनके बारे में मेरे विचारों का एक हिस्सा यह रहा. 

आज के दिन हनुमान बेनीवाल के बारे में सबसे बड़ी राय बनती है कि हनुमान बेनीवाल को किसान, गरीब, मजदूर, नौजवान और बेरोजगार मोहब्बत करने लगे हैं. वे हनुमान बेनीवाल को प्यार करने लगे हैं. लोग उन्हें देखना चाहते हैं, सुनना चाहते हैं. लोग उनसे उम्मीदें करने लगे हैं. लोग उन्हें लेकर सपने देखने लगे हैं कि हनुमान बेनीवाल किसानों, गरीबों, मजदूरों और नौजवानों की लड़ाई को किसी मुक्कमल अंजाम तक पहुंचायेंगे. 

हनुमान बेनीवाल की रैलियों में लाखों लोग उमड़ रहे हैं, सबका कहना है कि ज्यादातर लोग अपने खर्चें पर रैलियों में पहुंच रहे हैं. यह सब इसलिए हो रहा है कि क्योंकि हनुमान बेनीवाल पिछले चार साल में विपक्ष का पर्याय बन चुके हैं. वे जनता के आक्रोश, गुस्से, विरोध और विद्रोह की आवाज़ बन चुके हैं. चार साल में जनता को जब-जब सड़क पर किसी नेता के साथ की जरूरत पड़ी तब-तब हनुमान बेनीवाल उनके साथ खड़ें रहें. 

हनुमान बेनीवाल ने पिछले चार सालों में अपना एक अलहदा अंदाज विकसित कर लिया है. वे अब एक परिपक्व राजनेता की तरह पेश आ रहे हैं, लेकिन लीक पिटने वाले रिवायती नेताओं की तरह नहीं बल्कि विद्रोह और सरलता दोनों को उन्होंने एक साथ अपने अंदर विकसित कर लिया है. जहां किसानों और छात्रों के आंदोलनों में वे जमकर कांग्रेस और बीजेपी पर हमला करते हैं, वहीं आम जीवन में अपने दोस्तों और लोगों से बहुत ही प्रेम से मिलते हैं. उनका फोन भी तक वे खुद ही उठाते हैं, बात करते हैं, मैसेज करते हैं. वे बहुत सरलता से आम जन के बीच उपलब्थ रहते हैं. 

हनुमान बेनीवाल इस समय सबसे ज्यादा किसानों के मुद्दों को लेकर मुखर हैं. वे कह रहे हैं कि देश में जब हजारों-लाखों करोड़ों का उद्योगपतियों का कर्जा माफ़ हो सकता है तो राजस्थान के किसानों का कर्जा माफ़ क्यों नहीं हो सकता. वे किसानों को फ्री बिजली देने की मांग को बार-बार दोहराते हैं. वे रेगिस्तानी इलाकों में आजतक सिंचाई का पानी नहीं पहुंचने के मुद्दें पर पुरजोर विरोध दर्ज करवाते हैं और कहते हैं कि देश में नदियों और नहरों को जल्दी से जल्दी से जोड़ा जाये. वे कहते हैं कि राजस्थान के किसान ने आजादी से पहले राजाओं के अत्याचार और आजादी के पहले और बाद में अकाल और कांग्रेस और बीजेपी की नकारा सरकारों को भुगता हैं. 

कांग्रेस और बीजेपी हर बार किसानों के वोट ले लेती हैं और बाद में किसानों को पुछती तक नहीं. वे कहते हैं कि इन सब के लिए सिर्फ पार्टियां ही नहीं बल्कि हमारे नेता भी जिम्मेदार हैं, जो किसानों के मुद्दों को लेकर मजबूती से अपनी बात नहीं रखते और आलाकमान के सामने जीहुजूरी करते रहते हैं. 

हनुमान बेनीवाल बहुत बुनियादी बाते जनता के बीच उठाते हुए कहते हैं कि जब तक किसानों के बेटे सरकार में नहीं होंगे तब तक किसानों का भला नहीं हो सकता. वे बार-बार अपनी जनसभाओं में कह रहे हैं कि सत्ता पर कब्जा करना होगा. वे शासन-सत्ता में न्यायपूर्ण हिस्सेदारी के सवाल को बहुत मजबूती के साथ उठा रहे हैं. सामाजिक न्याय का यह बहुत बुनियादी सवाल है, जिसे हनुमान बेनीवाल शानदार तरीके से उठा रहे हैं. 

किसानों के साथ-साथ वे बेरोजगारों के रोजगार को लेकर भी नौजवानों और छात्रों को बार-बार आगाह करते हैं कि बीजेपी की सरकार ने आपसे वोट लेकर आपके साथ धोखा किया. वे कहते हैं कि रोजगार के मुद्दे पर सरकार पूरी तरह विफल रही हैं. वे विद्यार्थी मित्रों, एनआरएचएम में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों के दर्द को बयां करते हुए कहते हैं कि सरकार ने इन सब से वादा किया था कि वह इन्हें स्थायी करेगी, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया. 

वे बेलगाम हो चुकी नौकरशाही पर हमला करते हैं और कहते हैं कि जनप्रतिनिधी नौकरशाहों से ज्यादा ताकतवर होता है क्योंकि जनप्रतिनिधी जनता के वोट से चुना जाता है. 

वे कहते हैं कि जब किसान एकजुट होंगे तो प्रदेश के दलित और अल्पसंख्यक भी किसानों के साथ एकजुट हो जायेंगे. वे कहते हैं कि हम सब को साथ लेकर हर गरीब और मजलूम की लड़ाई लड़ेंगे. 

सबसे महत्वपूर्ण बात वे कहते हैं कि मैं कभी भी आपका सौदा नहीं करूगां. यह मेरा वादा है आपसे. इसी वादे के साथ लोग उनसे बहुत तेजी से जुड़ रहे हैं. जनता और हनुमान बेनीवाल के बीच एक अटूट रिश्ता कायम हो चुका है, इसी कारण राजस्थान में हनुमान बेनीवाल बीजेपी और कांग्रेस के खिलाफ सबसे बड़ा संकट बन चुके हैं, दोनों ही पार्टियों के पास आज के दिन उनकी तोड़ का एक भी नेता नहीं हैं.

पाठकों से निवेदन है की आपकी इस प्रकार की रचनात्मकता सादर आमंत्रित है आप अपने लेख helpmebit.sikar@gmail.com पर हमें भेज सकते है ! अच्छे लेख अवश्य प्रकाशित किये जायेंगे !
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